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Video तकनीक क्या होता है, और यह कैसे काम करता है? | What is video and how does it work in hindi

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आज के समय में लोग काफी ज्यादा विडियो देखना पसंद करते है। यह खाली समय में उनके मनोरंजन का एक अच्छा साधन है। video की मदद से किसी चीज़ को सीखने में भी काफी आसानी होती है। आज लोगों द्वारा तरह-तरह की फ़िल्मे और गीत देखे और सुने जाते है, जो की खुद विडियो के माध्यम में होती है। मगर क्या आपको मालूम है यह विडियो तकनीक कैसे काम करती है? और इसे कब बनाया गया? अगर नही तो आइए जानते है इस टेक्नोलॉजी के बारे में कुछ ऐसी बाते जो शायद ही आपको मालूम हो।

Video क्या होता है? (Video technique in hindi)

Video रिकॉर्डिंग, कॉपी, प्लेबैक, प्रसारण और प्रदर्शन के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम है। इस तकनीक को पहली बार मैकेनिकल टेलीविज़न systems के लिए बनाया गया था, जल्दी ही जिसे cathode ray tube (CRT) system से बदल दिया गया और बाद में इसे भी बदलकर इसकी जगह कई तरह के flat panel displays का इस्तेमाल होने लगा। एक video system के कई अलग-अलग मापदंड होते है, जैसे की aspect ratio, display resolution, refresh rate, इत्यादि। video के कई प्रकार भी होते है जैसे analog या फिर digital video। और इनका इस्तेमाल कई तरह के मीडिया पर हो सकता है जैसे की optical disk, computer फाइल, magnetic टेप, इत्यादि।

आज video जानकारी को साझा करने के सबसे अच्छे तरीकों में से एक है। इसकी मदद से किसी भी जानकारी को काफी दूर तक और काफी सरलता से पहुंचाया जा सकता है। और इसकी मदद से लोगों को कुछ समझाने में भी काफी सहूलियत होती है। इस तकनीक के इस्तेमाल से दूर बैठे लोगों को देख पाना और उनसे मेल-जोल बढ़िया तरीके से कर पाना संभव हुआ, जो सिर्फ साधारण टेलीफ़ोन की मदद से करना संभव नही था।

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Video तकनीक कैसे काम करती है?

इस तकनीक में कई सारी तस्वीरों को एक के बाद चलाया जाता है। यह सारी तस्वीरे एक दूसरे से बस थोड़ी-थोड़ी अलग होती है। और इन्हें एक निर्धारित रफ़्तार पर चलाने पर ऐसा लगता है, जैसे की उन तस्वीरों में मौजूद वस्तु खुद चल रही हो। इस गति को frame rate कहा जाता है। कितनी तस्वीरे एक second में frame से गुजरेंगी यह frame rate निर्धारित करती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी video का frame rate 12 प्रति second है, तो इसका मतलब इसमें 12 तस्वीरों को एक second में एक के बाद एक चलाया जाएगा, ताकि एक चलती वस्तुओ का illusion बनाया जा सके।

पुराने mechanical कैमरों में यह frame rate 6 से लेकर 8 frame प्रति second हुआ करती थी। जबकि आज के professional कैमरों में यह 120 या उससे भी ज्यादा होती है। Phase Alternating Line (PAL) और Symposium of Episcopal Conferences of Africa and Madagascar (SECAM) एजेंसी द्वारा इस frame rate को 25 frame प्रति सेकंड निर्धारित किया गया है, जबकि National Television System Committee (NTSC) द्वारा frame rate को 29.97 frame प्रति सेकंड निर्धारित किया गया है।

आम तौर पर फ़िल्मो को 24 frame प्रति सेकंड की गति से फिल्माया जाता है, जिसके कारण कभी-कभी cinematic चल-चित्र को वीडियो में बदलने की प्रक्रिया थोड़ा जटिल हो जाती है। आम तौर पर किसी चलती तस्वीर का भ्रम पैदा करने के लिए 16 frame/sec की गति काफी होती है।

Video का इस्तेमाल किन-किन छेत्रो में किया जाता है?

आज के समय में विडियो तकनीक का इस्तेमाल कई छेत्रो में किया जाता है, जिनमे से कुछ है-

Education

आज education के छेत्र में video का इस्तेमाल काफी किया जा रहा है। इसकी मदद से छात्रों को पढ़ाने में काफी सहायता मिलती है। आज कई स्कूल अपने smart classes पर काफी ज्यादा ध्यान दे रहे है। इनमें अलग-अलग विषयों की videos दिखा कर छात्रों को पढ़ाया जाता है, और इसकी मदद से छात्रों को भी कोई विषय अच्छी तरह से समझ में आ जाता है। video की मदद से ज्ञान को दूर-दूर तक भी पहुचाया जाता है, जहाँ अच्छे स्कूल की व्यवस्था नही होती, और अब वहां के बच्चे भी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकते है, जो अब तक अच्छी सुविधा के अभाव में अच्छी शिक्षा नही हासिल कर पा रहे थे।

Entertainment

मनोरंजन के छेत्र में भी आज विडियो तकनीक का इस्तेमाल काफी किया जाता है। चाहे वह कोई फिल्म हो या फिर कोई संगीत का video हो, हर चीज़ में इसका इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है| आज दर्शकों के मनोरंजन के लिए काफी बड़े पैमाने पर फिल्मों और संगीत videos का निर्माण किया जाता है, ताकि लोगों के मनोरंजन की कोई कमी ना हो सके| आज जो भी फ़िल्मे बन रही है, सभी इसी video तकनीक का इस्तेमाल करके बनाई जाती है। इसकी मदद से दर्शकों के सामने एक अनोखा समा बनाया जाता है, ताकि सभी लोग पूरी तरह इन सब का लुप्त उठा सके।

Private sector

प्राइवेट छेत्रो में भी इसका इस्तेमाल काफी किया जाता है। इसकी मदद से दूर बैठे अपने clients और customers के साथ बातचीत या मीटिंग की जाती है| इसे video conferencing तकनीक भी कहा जाता है। इस तकनीक से तब बहुत ज्यादा मदद मिलती है, जब किसी से वास्तविकता मे मिलने जाना संभव नही हो पता। तब एक जगह बैठे-बैठे लोग अपने सभी जरूरी meetings अटेंड कर सकते है, और अपने सभी जरूरी काम पूरे कर सकते है।

Training

Video के इस्तेमाल से किसी को ट्रेनिंग देना भी काफी ज्यादा उपयोगी होता है, और आज इसका इस्तेमाल काफी industries में ट्रेनिंग देने के लिए किया भी जा रहा है। इसकी सहायता से किसी व्यक्ति को तकनीकी चीजों की ट्रेनिंग भी काफी अच्छी तरह से दी जा सकती है। साथ ही साथ इसकी मदद से कही दूर बैठे विशेषज्ञ द्वारा भी अपने कारीगरों को ट्रेनिंग दिलाई जा सकती है। इन्ही कारणों से आज यह तकनीक काफी ज्यादा उपयोगी साबित हो रही है।  इत्यादि।

Video तकनीक के प्रकार? (Types of video in hindi)

वीडियो तकनीक के दो प्रकार होते है, जो की है –

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Analog video

यह एक तरह का video signal होता है, जिसे analog signal द्वारा transfer किया जाता है। जब इसे एक चैनल में जोड़ा जाता है, तब इसे NTSC, PAL, SECAM और अन्य लोगों द्वारा composite video कहा जाता है। Analog वीडियो को एक या अधिक analog सिग्नल द्वारा दर्शाया जाता है। एक analog कलर video signal में luminance, brightness और chrominance जैसे तत्व होते है।

Analog video को दो अलग channels पर carry किया जा सकता है, जैसे की दो channels वाले S-Video (YC) और multi-channel वीडियो format। Analog video का इस्तेमाल उपभोक्ता और पेशेवर दोनों ही तरह के टेलीविज़न applications में किया जाता है। आज भी ज्यादा तर टेलीविज़न analog signals ही भेजते और receive करते है।

Analog वीडियो को कई तरीकों से प्रसारित या transport किया जा सकता है। जैसे की terrestrial टेलीविज़न के लिए wireless तरीके से, या फिर किसी closed circuit system के लिए coaxial cables के माध्यम से। इसी क्रम में आज जो भी videos किसी स्टूडियो से broadcast होती है, उन्हें wireless तरीके से हमारे घरों के टेलीविज़न system तक पहुँचाया जाता है।

Analog video इस्तेमाल करने के फायदे? (Advantages of analog video in hindi)

Analog video को इस्तेमाल करने के काफी फायदे होते है, जिनमे से कुछ है –

  • यह signal ट्रांसमिशन के समय हवा में मौजूद noise यानि शोर से ज्यादा प्रभावित नही होती।
  • यह bandwidth के मामले में काफी ज्यादा flexible है।
  • Analog विडियो signal को संभालना काफी ज्यादा आसान होता है।
  • इसका life span यानि जीवन काल काफी लम्बा होता है।
  • इसे संवेदनशील मार्गो पर transmit किया जा सकता है।
  • इसको इस्तेमाल करने में ज्यादा ख़र्चा नही होता।   इत्यादि।

Analog video इस्तेमाल करने के नुकसान? (Disadvantages of analog video in hindi)

Analog विडियो को इस्तेमाल करने के काफी नुकसान भी होते है, जिनमे से कुछ है –

  • यह किसी विद्युत सहिष्णुता के संदर्भ में कम संवेदनशील है।
  • ट्रांसमिशन के दौरान किसी विद्युत आपदा के संपर्क में आने पर इसे नुकसान पहुँच सकता है।
  • इसे लागू करना आसान नही होता।
  • इससे transmit किया गया data सुरक्षित नही होता।
  • इसे transmit होने के लिए निर्धारित receiver और transmitter की जरुरत पड़ती है।  इत्यादि।
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Digital video

यह एक तरह का विडियो होता है जिसे digital format में capture और store किया जाता है। इसमें तस्वीरों की कतार के बजाय video को zero (0) और one (1) के रूप में record और store किया जाता है। यहाँ जानकारी को digital data के sequence में जमा किया जाता है, ताकि इसे computer द्वारा अच्छे से process किया जा सके। हालाँकि यह उपभोगताओं को digital से analog में बदलने के बाद ही screen पर दिखाया जाता है।

इसे bitmap तस्वीरों की series को आपस में जोड़कर बनाया जाता है, जिन्हें लगातार 15, 24, 30 या 60 frame प्रति second की गति पर एक के बाद एक दिखाया जाता है। सारी अच्छी quality की फिल्मों और videos को ज्यादा तर 60 frame प्रति second की गति पर record किया और दिखलाया जाता है, ताकि दर्शकों को एक अच्छा अनुभव प्रदान किया जा सके।

Digital video इस्तेमाल करने के फायदे? (Advantages of digital video in hindi)

Digital video को इस्तेमाल करने के काफी फायदे होते है, जिनमे से कुछ है –

  • इसे लागू करना काफी आसान होता है।
  • Analog के मुकाबले इसे इस्तेमाल करना कई मामलों में काफी सस्ता होता है।
  • इसमें data को काफी ज्यादा security मिलती है।
  • ट्रांसमिशन के दौरान इसमें data encrypted रूप में रहता है।
  • यह किसी system में आए बदलाव के साथ काफी ज्यादा flexible है।
  • इसमें standardized रिसीवर्स और ट्रांसमीटर्स का इस्तेमाल होता है।    इत्यादि।

Digital video इस्तेमाल करने के नुकसान? (Disadvantages of digital video in hindi)

Digital विडियो को इस्तेमाल करने के काफी नुकसान भी होते है, जिनमे से कुछ है –

  • इसमें ज्यादा चौरी bandwidth नही होती।
  • इसको इस्तेमाल करने से आस-पास के परिवेश के मौसम पर निर्भरता अधिक होती है।
  • ख़राब मौसम के कारण इसमें बाधा आ सकती है।
  • काफी मामलों में इसमें sampling error या नमूनाकरण त्रुटि की समस्या आती है।
  • इसमें किसी advance चिप के उपयोग से पहले, पूरे software को modify करने की जरुरत पड़ती है।   इत्यादि।

आशा करता हूं कि आज आपलोंगों को कुछ नया सीखने को ज़रूर मिला होगा। अगर आज आपने कुछ नया सीखा तो हमारे बाकी के आर्टिकल्स को भी ज़रूर पढ़ें ताकि आपको ऱोज कुछ न कुछ नया सीखने को मिले, और इस article को अपने दोस्तों और जान पहचान वालो के साथ ज़रूर share करे जिन्हें इसकी जरूरत हो। धन्यवाद।

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